उत्तराखंड के किसानों की समस्याओं को लेकर पूर्व सीएम हरीश रावत ने धर्मपुर से पैदल विधानसभा की तरफ कूच किया। रिस्पना पुल में लगी बेरीकेडिंग से ठीक पहले हरीश रावत यहां धरने पर बैठ गए। इस दौरान हरीश रावत ने किसानों की उपेक्षा करने पर प्रदेश सरकार को घेरा। कहा कि किसानों को अब तक भुगतान नहीं हुआ है। प्रदेश सरकार बाहर से गन्ने की खरीद कर राज्य के किसानों का उत्पीड़न कर रही है। धरने के दौरान हरीश रावत ने कहा कि सरकार किसानों के दर्द को समझ नहीं रही है। अभी तक गन्ने की खरीद का मू्ल्य प्रदेश सरकार ने तय नहीं किया है। राज्य के बाहर से गन्ना खरीदा जा रहा है। राज्य के किसानों की ट्रॉली खड़ी है। यह सरकार रहने के काबिल नहीं है। हरीश रावत बोले कि किसानों के पिछले साल का बकाया सरकार ने नहीं दिया है। किसान हताश हैं। इसलिए कांग्रेस ने तय किया है कि वह किसानों की आवाज को जोरशोर से उठाएगी। महंगाई पर बोलते हुए हरीश रावत ने कहा कि उद्योग ठप हैं। अर्थव्यवस्था का बुरा हाल है। दाल महंगी हैं। तेल के दाम बड़ गए हैं। जनता परेशान हैं। रसोई गैस महंगी हो गई है। आखिरकार सरकार क्या करना चाहती है। जनता के लिए संघर्ष किया जाएगा। पूर्व मंत्री मातबर सिंह कंडारी ने भी सरकार को घेरकर आक्रोश जताया। इस दौरान पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट, केदारनाथ विधायक मनोज रावत, विधायक निजामुद्दीन, ममता राकेश, हरीश धामी, फुरकान, सुशील राठी, गरिमा दशोनी, विरेंद्र रावत, बीएस नेगी, कलमेश रमन, गोदावरी थापली, नगर निगम पूर्व नेता प्रतिपक्ष अशोक वर्मा, डा. एसके त्यागी, रिपू दमन सिंह, मकेश रेगमी, मनीष नागपाल, आशा डोबिरयाल संग्राम सिंह पुंडीर, ओम प्रकाश सती, दीप वोहरा, पार्षद सुमित्रा ध्यानी, अमित भंडारी, आन्नद त्यागी, टीटू त्यागी, आनन्द बहुगुणश, विनय मान, प्रदीप कोठियाल आदि मौजूद रहे।
किसानों की समस्याओं पर पूर्व सीएम हरीश रावत बैठे धरने पर